गोल्डन लेखमाला- 13 चेयरमैन- को-चेयरमैन सेमिनार
मित्रो, लायंस क्लब में "चेयरमैन-कोचेयरमैन सेमिनार" का मुख्य उद्देश्य विभिन्न परियोजनाओं और गतिविधियों के लिए नियुक्त चेयरमैन (Chairperson) और उनके को-चेयरमैन (Co-chairperson) को उनके कर्तव्यों, जिम्मेदारियों, योजनाओं और कार्यप्रणाली के बारे में स्पष्ट जानकारी देना होता है।
इस सेमिनार का स्वरूप प्रमुखतः ट्रेनिंग और गाइडेंस होता है। इस सेमिनार को सभी क्लब्स द्वारा किया जाना चाहिए और इसके लिए व्यापक तैयारियों की आवश्यकता होती है।
क्लब में नए संचालक मंडल के गठन के पश्चात अध्यक्ष विभिन्न समितियों या कमेटियों की घोषणा करता है।
IMPORTANT COMMITTEES (ये कमेटियाँ आवश्यक हैं। इसे लायंस अंतरराष्ट्रीय अनुमोदित करता है।)
GLOBAL ACTION TEAM
CONSTITUTION AND BY-LAWS COMMITTEE.
FINANCE COMMITTEE
MEMBERSHIP COMMITTEE
MARKETING COMMITTEE
SERVICE COMMITTEE
INFORMATION TECHNOLOGY COMMITTEE
LEADERSHIP COMMITTEE
SPECIAL COMMITTEES: (इन कमेटिस को अध्यक्ष नामित कर सकता है)
Entertainment Committee
Catering Committee
Greeting Committee
Attendance Committee
Youth Committee
Clean India Drive or Clean Indore Drive Committee
Public Relations Committee
Fundraising Committee
Environment Committee
इस सेमिनार के मुख्य उद्देश्य होते हैं:
- भूमिका स्पष्ट करना: चेयरमैन और कोचेयरमैन को यह समझाया जाता है कि उनके पद पर रहते हुए उन्हें क्या करना है, क्या नहीं करना है, और किन बातों का विशेष ध्यान रखना है। उन्हें जो
- परियोजना की योजना और क्रियान्वयन: सेमिनार में यह बताया जाता है कि संबंधित प्रोजेक्ट (जैसे पर्यावरण, स्वास्थ्य शिविर, युवाओं के कार्यक्रम आदि) को कैसे योजनाबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
- रिपोर्टिंग और रिकॉर्ड रखना: किस तरह से रिपोर्ट तैयार की जाए, किसे और कब भेजी जाए, यह जानकारी दी जाती है।
- टीम वर्क और लीडरशिप: चेयरमैन-कोचेयरमैन को यह सिखाया जाता है कि वे टीम के साथ समन्वय कैसे बनाएं और नेतृत्व क्षमता को कैसे निखारें। साथ की कमेटियों के साथ किस तरह से सम्भाव रखा जाए।
- संकल्प और लक्ष्यों की प्राप्ति: क्लब, जोन, रीजन और डिस्ट्रिक्ट के लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जाए, इस पर फोकस किया जाता है।
- नेटवर्किंग और प्रेरणा: अन्य चेयरपर्सन से मिलने और विचार-विमर्श करने का अवसर भी मिलता है, जिससे नए आइडिया और प्रेरणा मिलती है।
सेमिनार में क्या-क्या होता है:
- वरिष्ठ लायन लीडर्स का मार्गदर्शन
- स्लाइड प्रेजेंटेशन और हैंडआउट्स ये हो सकता ही
- केस स्टडी और टीम वर्क
- क्वेश्चन आंसर सेशन
- टास्क या वर्कशॉप आधारित गतिविधियाँ
अब देखते हैं कमेटी के उत्तरदायित्व क्या होते है और कौन कौन सदस्य होते हैं।
1. GLOBAL ACTION TEAM : लायंस अंतरराष्ट्रीय द्वारा क्लब के प्रारंभिक गठन के बाद सबसे पहले ग्लोबल एक्शन टीम कमेटी का गठन करने की अनुशंसा की गई है। इस कमेटी का अध्यक्ष क्लब अध्यक्ष होता है। क्लब का प्रथम उपाध्यक्ष लीडरशिप टीम का चेयरमैन होता है। इसके अतिरिक्त इस कमेटी में क्लब मेम्बरशिप चेयरपर्सन, क्लब मार्केटिंग चेयरपर्सन, एवं क्लब सर्विस चेयरपर्सन सदस्य होते हैं। ये सभी चेयरपर्सन अपने अपने क्षेत्र में कार्य करने हेतु संचालक मंडल के सदस्यों के साथ चर्चा कर कार्यक्रम तय करते हैं। किस तरह क्लब में नए लायन सदस्यों को शामिल किया जाए, किस तरह क्लब के साथियों को लीडरशिप प्रोग्राम्स में आगे प्रोत्साहित किया जाए, किस तरह सर्विस प्रोजेक्ट्स को क्लब में लागू किए जाएँ ये सब निर्णय कमेटी लेती है।
इस कमेटी को सदस्यों को एक निश्चित अंतराल में मीटिंग कर अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें लागू करना चाहिए। इस कमेटी को डिस्ट्रिक्ट जीएलटी, जीएमटी, जीएसटी चेयरपर्सन के साथ चर्चा कर डिस्ट्रिक्ट द्वारा दिए गए लक्ष्यों के पालन हेतु कार्यक्रम निर्धारित करना चाहिए। कमेटी के सदस्यों को डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग अटेंड करनी चाहिए और साथ ही जोन, रीजन, डिस्ट्रिक्ट, मल्टीपल व अंतरराष्ट्रीय द्वारा प्रस्तावित बैठकों में अवश्य उपस्थित होकर अपने क्लब का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। समय समय पर रिपोर्टिंग करके डिस्ट्रिक्ट को बताते रहना चाहिए की क्लब द्वारा नेतृत्व विकास, सदस्यता वृद्धि व सेवा कार्यों हेतु क्या प्रतिमान स्थापित किए गए हैं और क्लब और क्या करने जा रहा है।
क्लब की सबसे प्रमुख कमेटी में इस कमेटी का प्रमुखता से समावेश होता है
2. CONSTITUTION AND BY-LAWS COMMITTEE: ये कमेटी क्लब के संविधान पर कार्य करती है। आवश्यकता पड़ने पर अंतर्राष्ट्रीय के निर्देशानुसार ये कमेटी संविधान में संशोधन हेतु अपनी राय प्रस्तुत करती है।
3. FINANCE COMMITTEE: इस कमेटी का चेयरपर्सन कोषाध्यक्ष होता है। वे कमेटी के सदस्यों के साथ बजट बनाता है। बैंक में अकाउंट खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार करता है। फण्ड एकत्र करता है। ऑडिटर अपॉइंट करता है। हर माह बजट के हिसाब से खर्चा कर उसका ब्यौरा प्रस्तुत करता है। वे सभी अकाउंट्स की देखरेख करता है। हर चेक में उसका साइन कम्पलसरी होता है। उसके नॉलेज के बिना खर्चा नहीं किया जाना चाहिए
4. MEMBERSHIP COMMITTEE: इस कमेटी का चेयरपर्सन क्लब मेम्बरशिप चेयरपर्सन होता है। वे क्लब में नए सदस्यों को शामिल करने हेतु मुहिम चलता है। शामिल किए जाने वाले सदस्य की समाज में क्या साख है इसे देखता है। वे संभावित नामों को बोर्ड के समक्ष रखता है।बोर्ड से परमिशन मिलते ही वे उनको क्लब में शामिल होने की कार्यवाही करता है। इस कमेटी का दूसरा मुख्य उद्देश्य होता है सदस्यों की संतुष्टि अर्थात् Member Satisfaction. सदस्यों को रिटेन करना, उन्हें क्लब में बनाये रखना इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य होता है। इस के अतिरिक्त मिशन 1.5 के लक्ष्यों को पाने हेतु इस कमेटी का सबसे बड़ा योगदान होता है. इस कमेटी में पिछले वर्ष के मेम्बरशिप चेयरपर्सन एवं इस वर्ष के सह मेम्बरशिप चेयरपर्सन को शामिल किया जाना चाहिए. इसके अलावा पूर्व अध्यक्षों में से जो भी मेम्बरशिप ड्राइव में रुचि रखता हो उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। क्लब के और जो भी सदस्य सदस्यता वृद्धि में रुचि रखते हैं उन्हें इस कमेटी में शामिल किया जाना चाहिए।
5. MARKETING COMMITTEE: क्लब मार्केटिंग चेयरपर्सन इस कमेटी का अध्यक्ष होता है। क्लब की गतिविधियों को किस तरह से जन मानस तक ले जाना है इसकी रूप रेखा ये कमेटी बनाती है। क्लब के इवेंट्स को सोशल मीडिया में पोस्ट किया जाना चाहिए। उन्हें व्यापक प्रचार प्रसार मिलना चाहिए ये सब इस कमेटी का कार्य है। संचालक मंडल के सदस्यों के साथ चर्चा कर इसका प्लान तैयार कर क्लब को समाज के समक्ष सही ढंग से प्रस्तुत करना इस कमेटी का कर्तव्य है।
6. SERVICE COMMITTEE: इस कमेटी का अध्यक्ष क्लब सर्विस चेयरपर्सन होता है। कमेटी के सदस्यों द्वारा सेवा गतिविधियों का चयन करना, नए सेवा के प्रोजेक्ट्स बनाना, उनकी देखरेख, उन्नयन, आंकलन एवं उनकी देखरेख करना इस कमेटी का कार्य होता है। संचालक मंडल के साथ चर्चा कर जो सेवा प्रोजेक्ट्स समाज हेतु आवश्यक हैं उनको क्लब में आरम्भ करना, ग्रांट के लिए आवेदन देना इत्यादि सभी कार्य इस कमेटी द्वारा किए जाने चाहिए।
7. INFORMATION TECHNOLOGY COMMITTEE: क्लब इनफार्मेशन एवं टेक्नोलॉजी चेयरपर्सन इस कमेटी का अध्यक्ष होता है। आज का समय तकनीकी युग है। आज रिपोर्टिंग लायंस पोर्टल पर होती है। अधिकांश कार्य ऑनलाइन होते हैं। कई मीटिंग्स ज़ूम पर होती हैं। सदस्यों को तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराना इस कमेटी का उद्देश्य है।
8. LEADERSHIP COMMITTEE: प्रथम उपाध्यक्ष इस कमेटी का चेयरपर्सन होता है। डिस्ट्रिक्ट में आयोजित विभिन्न स्कूलिंग्स, अंतरराष्ट्रीय इंस्टीट्यूट्स की जानकारी रखना, उस हेतु सदस्यों के नाम का प्रस्ताव करना ये इस कमेटी के कार्य हैं। क्लब में CLLI का आयोजन या एनी लीडरशिप प्रोग्राम करवाना भी कमेटी का कार्य हो सकता है।
आप अपने क्लब के रिक्वायरमेंट के मुताबित कोई भी कमेटी और बना सकते हैं। इनका विवरण ऊपर दिया गया है।
इन कमेटी को आप क्लब उपाध्यक्षों के निगरानी में रख कर संचालक मंडल में शामिल डायरेक्टर्स को कमेटी इंचार्ज बना सकते हैं। याद रहे अध्यक्ष सभी कमेटी का सदस्य होता है।
कमेटी आप जो भी बनायें, ये तय करें कि इन कमेटी से कार्य कैसे लेना है। अधिकांशतः होता ये है कि कमेटी बना दी जाती हैं पर उन पर फिर कभी विचार नहीं किया जाता है। न तो कभी कमेटी की मीटिंग बुलाई जाती है न कभी अध्यक्ष किसी भी कमेटी से अपनी रिपोर्ट के लिए कहता है। आपसे यही अपेक्षा है कि आप उत्साह से चेयरमैन कोचेयरमैन सेमिनार करें और नियुक्त कमेटी को अपना कार्य करने दें। फिर देखें किस तरह आपका वर्ष सफल होता है।
चलिए तो हो जाइए तैयार एक बेहतरीन सेमिनार करने के लिए। तारीख़ तय करिए। दो अतिथियों को अपने डिस्ट्रिक्ट से बुलाइये। 15 दिन पहले सूचना दीजिए। एक अच्छा स्थान तय करिए। कृपया चलताऊ कार्य मत करिए।
इसके पहले कमेटी बनाइए और सभी को सूचित करते हुए उन्हें अपनी और से तैयारी कर आने को कहें
मैं एक सैंपल एजेंडा भी यहाँ दे रहा हूँ। आप अपनी सुविधानुसार इसमें फेर बदल कर सकते हैं।
सेमिनार एजेंडा (Chairman-Cochairman Seminar Agenda)
📍स्थान: [स्थान का नाम]
📅दिनांक: [तारीख]
🕘समय: प्रातः 9:00 से दोपहर 1:30 बजेतक
| समय | गतिविधि | वक्ता/जिम्मेदारव्यक्ति |
| 9:00 – 9:15 | स्वागत एवं पंजीयन | आयोजन समिति |
| 9:15 – 9:30 | दीप प्रज्वलन व राष्ट्रगान | विशिष्ट अतिथि के साथ |
| 9:30 – 9:45 | उद्घाटन भाषण (District Governor) | क्लब अध्यक्ष |
| 9:45 – 10:15 | चेयरमैन-कोचेयरमैन की भूमिका और जिम्मेदारियाँ | आमंत्रित वरिष्ठ लायन जो विषय का ज्ञान रखता हो |
| 10:15 – 10:45 | क्लब स्तर की रिपोर्टिंग व टारगेट अचीवमेंट | ZC / RC |
| 10:45 – 11:00 | चाय अवकाश | सभी प्रतिभागी |
| 11:00 – 11:45 | कमेटी चेयरपर्सन का प्रेजेंटेशन | विभिन्न कमेटी इंचार्ज/ वाईस प्रेसिडेंट्स |
| 11:45 – 12:30 | ग्रुप एक्टिविटी: "एक वर्ष की कार्ययोजना बनाएं" | प्रशिक्षक (Facilitator) |
| 12:30 – 1:00 | ओपन फोरम / प्रश्नोत्तर सत्र | क्लब PST |
| 1:00 – 1:30 | प्रमाणपत्र वितरण व समापन | क्लब PST |
इतना समय तो आपको देना होगा। हम समय की योजना बनाने में चूक जाते हैं। फिर समय से नहीं चलते हैं और दूसरों को दोष देते हैं की लोग समय पर नहीं आते। आप एजेंडा को और भी संक्षिप्त में कर सकते हैं पर ध्यान रहे की पूरा कार्यक्रम महज औपचारिकता ना बन जाए।