गोल्डन लेखमाला- 4 

क्लब सशक्तिकरण का प्रभावी जरिया 

क्लब क्वालिटी इनिशिएटिव। 

मैंने पिछले लेख में “क्लब सशक्तीकरण का प्रभावी जरिया” बताया था जिसे लायंस अंतर्राष्ट्रीय ने हमारे सामने क्लब क्वालिटी इनिशिएटिव के रूप में प्रस्तुत किया है। हमने उस लेख में देखा की क्लब क्वालिटी इनिशिएटिव क्या होता है और इसके पीछे क्या मंतव्य है। आइए अब इस विस्तार से देखना आरम्भ करते हैं। 

भाग-2/10

सर्वप्रथम प्रोसेस क्या है समझते हैं: 

दोस्तो चेंज होना हर क्लब के लिए महत्वपूर्ण है। सबसे पहले अपने क्लब को आप किस तरह से संचालित कर रहे हैं उसे समझिए। किन क्षेत्रों में सुधार किया जा सकता है उन्हें चिह्नित करिए। किस तरह इन सुधारों को लागू किया जाए ये लक्ष्य निर्धारित करिए। आपको एक एक कदम सोच समझ कर उठाना है। चार चरणों में इस प्रक्रिया को समझेंगे।

अपने क्लब में नए सदस्यों को जोड़कर क्लब में बदलाव लाने की कोशिश करिए। सोचिए: 

1. हमारे सामने वो कौन से अवसर हैं जिससे हम सदस्यतावृद्धि करें तो लाभ हासिल होगा?

2. हमारा सदस्यता वृद्धि का क्या एजेंडा है?

3. क्या हम सही लायन सदस्यों को क्लब में जोड़ते हैं?

4. क्या हम जोड़े हुए लायन सदस्यों को लायंस क्लब के विषय में शिक्षित करते हैं?  

5. क्या क्लब के सदस्य नए सदस्यों को शामिल करने के लिए सकारात्मक प्रयास करते हैं?

अपने क्लब में नई सेवा गतिविधियोंसे शक्ति प्रदान करिए।सोचिए 

1. क्या हम जो सेवा गतिविधियां कर रहे हैं वे समाज के सीधे काम आने वाली हैं? 

2. क्या क्लब के सदस्य सेवा गतिविधियों को लेकर उत्साहित हैं और इनमें भाग लेते हैं?

3. क्या क्लब की लीडरशिप सदस्य द्वारा दिए गए किसी भी सुझाव को गंभीरता से लेती है?

4. क्या क्लब का कोई सिग्नेचर प्रोजेक्ट है? 

अपने क्लब में नेतृत्व निखार एवं क्लब संचालन को गंभीरता से देखिए। सोचिए 

1. क्या क्लब पदाधिकारी उन ट्रेनिंग्स को अटेंड करते हैं जो उन्हें समय समय उनके पद से संबंधित दी जाती हैं?

2. क्या क्लब पदाधिकारी एवं सदस्य जोन व रीजन की मीटिंग्स अटेंड करते हैं?

3. क्या मीटिंग्स सही ढंग से आयोजित एवं संचालित की जाती हैं?

4. क्या क्लब के सदस्य मुख्य-मुख्य पदों को ग्रहण करने में रुचि प्रदर्शित करते हैं?

5. क्या क्लब के सदस्य नियमित रूप से क्लब की बैठकों में शामिल होते हैं? 

6. क्या क्लब लायंस कोड ऑफ़ कंडक्ट एवं संविधान के अनुसार कार्य कर रहे हैं? 

7. क्या क्लब की मीटिंग्स का पैटर्न बदलने की आवश्यकता है? 

8. क्या क्लब की मीटिंग्स में सदस्यों को अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया जाता है?

अपने क्लब की उपलब्धियों को समाज के साथ बाँटें। सोचिए 

1. क्या क्लब सोशल मीडिया जैसे की फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर ऐक्टिव है? 

2. क्या आपके क्लब का E- clubhouse या वेबसाइट है?

3. क्या क्लब के सदस्यों को क्लब की समस्याओं के विषय में बताया जाता है? 

4. क्या आप समाज को अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में जानकारी देते रहे हैं? 

तो ये था पहला स्टेप। इसी तरह अभी चार स्टेप और हैं जिन पर हम विस्तार से बात करेंगे। मगर मैं फिर से आपको याद करवाना चाहता हूँ। “मेरे अपने 60 मिनट” जब तक आप अपने आप पर वर्क नहीं करेंगे तब तक कुछ भी संभव नहीं हैं. क्योंकि पहले मैं अपने आप को सुधारूँगा, तभी अपने क्लब को सुधार पाऊँगा। 

Engage with Post

Article Stats

April 8, 2025
0 Likes
0 Comments

More Articles

Back to All Posts

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!