मिशन 1.5 और जोधपुर कन्वेंशन
हाल ही में संपन्न मल्टीपल कन्वेंशन में पधारे पास्ट इंटरनेशनल डायरेक्टर लायन सुनील कुमार की एक बात बहुत ध्यान देने योग्य है। उन्होंने 53 वर्ष व उससे कम उम्र के साथियों को अपने स्थान पर खड़ा कर इस तथ्य को रेखांकित किया कि जब आप पैदा भी नहीं हुए थे तब से वे लायंस के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि कुछ न कुछ तो ख़ास है कि लायनिज्म हम सब पर हावी है। अपना पैसा खर्च कर, अपना समय खर्च कर भी हम लायनिज्म को एंजॉय करना चाहते हैं।
ये बात पूर्ण रूप से सत्य साबित हुई जोधपुर में। क़हर की गर्मी और उसपर मेरे समेत सूट बूट डाँठे लायन लीडर्स। सब ख़ुश, कोई शिकवा शिकायत नहीं। सबने एक दूसरे के साथ मेल मिलाप कर अपने आप को तरोताजा कर लिया। आयोजक बधाई के पात्र हैं।
पर अब बात आती है कि ऐसे आयोजनों का प्रयोजन क्या है? क्यों हम अपना पैसा और समय खर्च कर ऐसे आयोजन में आते हैं? क्या मिलता है हमें? ये मिशन 1.5 क्या है? क्यों सदस्यों को बनाए रखने हेतु ज़ोर दिया जाता है?
निःसंदेह इन सबका कारण है की हम एक बेहतरीन फैलोहिप तो करें ही साथ ही कुछ सीख कर भी जायें. और ये सब किससे होगा? ये होगा कि हम जितने ज़्यादा लोगों को अपने संगठन से जोड़ सकेंगे उतना अधिक आनंद हम ग्रहण कर सकेंगे. हमारे संगठन में जितने ज्यादा लोग जुड़ेंगे संगठन उतना मजबूत होगा और हमें और दोस्त फेलोशिप के लिए मिलेंगे, कई जोड़ी हाथ सेवा के लिए मिलेंगे और हमें अच्छे लीडर्स से सीखने का सौभाग्य प्राप्त होगा.
पर इन सबके के बीच कई नकारात्मक पहलू भी जुड़े हुए हैं. अक्सर आप लोगों को बात करते हुए सुनते होंगे. लायनिज्म में अब वे बात नहीं रही, लायनिज्म को लूट का अड्डा बना रखा है, कन्वेंशन में आना तो पैसा एवं समय खोटा करना है, यहाँ पर क़ाबलियत की कोई वैल्यू नहीं है, मुझे तो कभी कोई अवार्ड ही नहीं मिलता, फ़लाँ ने इतनी मेहनत की उसे किसी ने पूछा ही नहीं, मैं मेहनत क्यों करूँ वगैरह वगैरह.
इसके बाद भी हम लायनिज्म को नहीं, नहीं कह पाते हैं। हम सब जगह आते जाते हैं. फिर नकारात्मकता फैला कर क्या हम ख़ुद ही मिशन 1.5 को फेल करने का काम नहीं कर रहे हैं? क्या हम जिस डाली पर बैठे हैं उसे ही नहीं काट रहे हैं? सोचें तो सही। भला, इससे सबसे ज्यादा नुकसान किसको हो रहा है?
स्पष्टतः आपको. आपको ही सबसे ज़्यादा नुक़सान हो रहा है. आप जब नकारात्मक होते हैं तो शरीर में ऐसे घातक रसायनों का स्राव होता है जो आपको शारीरिक हानि पहुंचाते हैं. ख़ुद को कोस कर, आप अपनी मानसिक क्षति कर रहे होते हैं. अपने संगठन के विषय में नकारात्मक बातें कर, आप संभावित सदस्यों को, अपने निर्णय पर सोचने हेतु मजबूर कर रहे होते हैं.
क्यों न नकारात्मकता को त्याग दें. मिशन 1.5 में आपका ये सबसे बड़ा योगदान होगा. मंचों से जब लीडर्स इस बात का आव्हान करते हैं कि कौन सदस्य कितने सदस्य जोड़ेगा या कौन नया क्लब देगा तो मैं ऐसे कई नकारात्मक सदस्यों के हाथ उठते हुए देखता हूँ जो लायनिज्म की छवि बिगाड़ने में सबसे आगे हैं.
मित्रो, अपने आप के साथ छल मत करिए. यदि आप सच में अपने आप को ग़लत संगठन में पा रहे हैं तो छोड़ दीजिए इसे। किसने रोका है आपको। अपनी कथनी और करनी के अंतर को ख़त्म कर दीजिए. यदि हम आज ठान लें की हम अपने संगठन की अच्छी बातों को समाज के समक्ष लेकर आयेंगे, हम नए सदस्यों का ध्यान रखेंगे और उन्हें लायनिज्म की गहराई में उतरने हेतु सहायक बनेंगे तो कोई कारण नहीं कि हमारा भी नाम मिशन 1.5 में अलिखित होते हुए भी मन को संतोष देता रहेगा.
ये सभी विचार मेरे मन में क्यों आए? दो वर्ष पहले मैंने किसी स्कूलिंग में इस विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया था. मैंने नकारात्मकता को त्यागने हेतु संकल्प करवाया था. जोधपुर कन्वेंशन में मुझे उस स्कूलिंग के एक प्रतिभागी ने जब मेरा धन्यवाद करते हुए ये कहा की मैं आपकी उस बात को आज तक याद करता हूँ और नकारात्मकता को पूर्ण तरह त्याग चुका हूँ।
जब एक लायन सदस्य परिमार्जित हो सकता है तो और भी हो सकते हैं. विश्वास मानिए हम सब कुछ कर सकते हैं। हमें सिर्फ़ आत्मावलोकन करना है। और जिस दिन आप अपने आप से रूबरू हो जाएँगे उसी दिन आप में ख़ुद को खोज लेंगे।
आइए एक नई खोज पर चलें और लायनिज्म को शिद्दत से एंजॉय करें.
मल्टीपल डिस्ट्रिक्ट 3233 के 24-25 मई 2025 जोधपुर कन्वेंशन की सफलता पर सभी को बधाई।
MJF लायन मनिन्दर सिंह चंडोक
FDI,FDES,LCIP
लायंस सर्टिफाइड ट्रेनर