
Test title
content
Read More
Explore our latest articles, insights, and stories on leadership, motivation, and personal growth.

content

उदासीनता की यदि हम व्याख्या करें तो हम कह सकते हैं अपने आप के प्रति, अपने कार्यों के प्रति निराशा का भाव होना। इस निराशा पर विचार करके उदासीनता को सजगता में परिवर्तित किया जा सकता है। पर जब विचारों का स्रोत ही कुंद हो जाए और जब हम उदासीनता को नियति के रूप में स्वीकार कर लें तब वे चिंता का विषय हो जाती है।